पड़ोसन चाची के जिस्म का सुख बारिश में

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मेरे पड़ोस में नई शादी हुई. जो हॉट नई नवेली दुल्हन आई, मैं उन्हें चाची कहता था. एक दिन बारिश में मैंने उनके जिस्म की नजदीकी का मजा लिया.

दोस्तो, मेरा नाम भास्कर है, मेरी उम्र 25 साल है. मैं गोरा-चिट्टा और दिखने में अच्छा हूँ. मैं कानपुर का रहने वाला हूँ.

आज जो सेक्स कहानी मैं आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ, वो तब की है जब मेरी उम्र 19 साल थी.
उस समय मेरे पड़ोस के घर में नई नई शादी हुई थी और उस शादी में जो हॉट सी लड़की नई नवेली दुल्हन आई थीं, मैं उन्हें चाची कहता था.
उनका नाम हेमा (बदला हुआ नाम) था और उनकी उम्र यही कुछ 27-28 साल की थी.

हेमा चाची के मोहल्ले में आने के कुछ दिनों बाद से ही मेरी उनसे बातचीत होने लगी थी.
उस समय मैं अपने मोहल्ले का बड़ा ही फ्रेण्डली किस्म का लड़का था, जो मोहल्ले की लगभग सभी भाभियों और चाचियों से बात करता रहता था.

हेमा चाची की घुमावदार गांड और मोटी चूचियों वाले आकर्षित जिस्म और मर्दों को दीवाना बना देने वाली अदाओं में जो बात थी, वो मोहल्ले की किसी भाभी में नहीं थी.

मुझे जब भी हेमा चाची से बात करने का मौका मिलता, मैं तुरन्त पहुंच जाता.

चाची को मोहल्ले में आए 5 महीने हो गए थे. अब तक हम दोनों में एक दोस्ती वाला रिश्ता बन गया था.

चाची को भी मैं पसंद आने लगा था. हेमा चाची मेरे गोरे रंग और मेरी मजाकियां बातों पर फिदा हो गई थीं.

कभी कभी तो हेमा चाची मुझसे बात करते समय किसी मजाक पर हंसते हुए मुझे छूने की कोशिश करतीं.
कभी वो मेरे कंधे पर हाथ रखतीं, तो कभी मेरी जांघ पर.

जब भी कभी मैं चाची को नजर आता, तो चाची मुझे अपने पास बात करने बुला लेती थीं.

हेमा चाची के हुस्म और कामुक चेहरे में इतना आकर्षण था कि मैं जब भी हेमा चाची से मिलता, तो ना चाहते हुए भी मेरा ध्यान ज्यादातर चाची के रसीले होंठों, चूचियों और गांड पर ही टिक जाता था.

सावन का मौसम था. एक दिन चाची ने मुझे अपने घर पर बुला लिया और हम दोनों काफी टाईम तक बातें करने में मस्त रहे.

तभी तेज बारिश शुरू हो गई.
तो चाची ने कहा- भास्कर, चलो न छत पर चलते हैं … बारिश में भीगेंगे. बहुत मजा आएगा.
मैंने कहा- चाची ऐसा करना ठीक नहीं है. अगर किसी ने हमें छत पर बारिश में नहाते देख लिया तो वो क्या सोचेगा?

हेमा चाची ने कहा- अरे भास्कर तुम बहुत डरते हो. ऊपर वाली छत पर चलते हैं, वहां से किसी को कुछ नहीं दिखेगा और तुम्हारे चाचा भी काम से गांव गए हुए हैं … तो उनका भी डर नहीं है.

चूंकि हेमा चाची के घर की छत बहुत बड़ी और मोहल्ले की सबसे ऊंची छत थी, तो वहां किसी की नजर आसानी से नहीं जा सकती थी.
फिर मैं हेमा चाची की बात मान गया और हम दोनों छत पर बारिश में नहाने चले गए.

उस दिन हेमा चाची ने सफेद रंग की टाईट नाईटी पहन रखी थी और भीगने के बाद तो उस टाईट सफेद नाईटी में हेमा चाची का एक एक अंग उभर कर आ रहा था.

ये देख कर मैं दंग रह गया क्योंकि इससे पहले मैंने ऐसा नजारा कभी नहीं देखा था और वो भी हेमा चाची के सेक्सी जिस्म का.

बारिश का पानी हेमा चाची के चेहरे और होंठों पर इस तरह टपक रहा था कि मेरा मन कर रहा था कि मैं हेमा चाची के लाल रसीले होंठों से रिसते पानी को अपने होंठ को लगा कर पी लूं.

मैंने ब्लू टी-शर्ट और काले रंग का पजामा पहन रखा था.

हेमा चाची की मोटी चूचियों और गांड के अक्श को देख मेरा लंड जैसे तना जा रहा था, जिसे पजामे से साफ देखा जा सकता था.

चाची की नजर मेरे खड़े लंड पर न पड़े, उसके लिए मैं अपनी उत्तेजना को शान्त करने की कोशिश कर रहा था. मैं अपने खड़े लंड को भीतर ही भीतर टांगों के बीच में दबाने की कोशिश कर रहा था ताकि हेमा चाची को नजर न आ जाए.
मुझे ये डर था कि अगर हेमा चाची ने ये सब देख लिया … तो वो मेरे बारे में पता नहीं क्या सोचेंगी?

लेकिन क्या बताऊं यार … मैं उस टाईम खुद को उत्तेजित होने से रोक ही नहीं पाया क्योंकि सामने हेमा चाची जैसी अप्सरा ऐसी हालत में हो, तो कौन खुद पर काबू कर पाता.

फिर जब बारिश बंद हुई, तो हमें ठंड लगने लगी और फिर हमने छत से नीचे जाने का फैसला किया.

तभी वहां पता नहीं कहां से कुछ बंदरों का झुण्ड आ टपका. बंदरों के झुण्ड को देख हेमा चाची बहुत तेज घबरा गईं और उन्होंने मेरा हाथ कस कर पकड़ लिया.
आह … क्या कोमल हाथ था हेमा चाची का कि मैं शब्दों में बयान ही नहीं कर सकता.

फिर मैं चाची को बंदरों के झुण्ड से बचाता हुआ छत के नीचे जाने वाले दरवाजे की तरफ धीरे धीरे लेकर जा ही रहा था.
तो देखा कि वहां कुछ बंदर बैठे हुए थे.

ये देखकर हेमा चाची और घबरा गईं और फिर हम जल्दी से वहां पास में ही छत पर बने बाथरूम का गेट खोल कर घुस गए.

वो बाथरूम बहुत ही छोटा था, जिसमें हम दो जन भी आराम से फिट नहीं हो पा रहे थे. हेमा चाची मेरे आगे पीठ करके खड़ी थीं और मैं चाची के पीछे खड़ा था.
हम दोनों के जिस्म एक दूसरे के जिस्म को स्पर्श कर रहे थे और ऊपर से मेरा तना हुआ लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था.

तभी हेमा चाची की गांड मेरे लंड से टकराई.
ये देखकर मैं बहुत डर गया था क्योंकि उस टक्कर से हेमा चाची को पता चल चुका था कि मेरा लंड खड़ा हुआ है.

उस समय जब हेमा चाची की गांड मेरे लंड से टकराई … तो क्या मस्त मजा आया था यार … बता ही नहीं सकता.

इतनी ही देर में उस छोटे से बाथरूम के जंगले पर एक बंदर आ धमका और गुर्राने लगा.

फिर क्या था हेमा चाची ये देखकर इतना डर गई कि वो चीख पड़ीं और पीछे मुड़कर मुझसे बहुत कसके चिपक गईं.

ओये होये होये … यारो …
वो सीन मैं आज तक नहीं भूला.

मेरा खड़ा और टाईट तना हुआ लंड अब हेमा चाची की चूत के बराबर में आ गया था.
हालांकि हेमा चाची को भी इस बात का पता था कि मेरा लंड तना हुआ है और उनकी चूत के बराबर में लगा है. लेकिन हेमा चाची को छत पर मौजूद बंदरों से इतना डर लग रहा था कि उन्हें इस सबसे कोई दिक्कत ही नहीं हो रही थी.

मेरी छाती से चिपकी हेमा चाची की कसी और मोटी चूचियों के स्पर्श ने मुझे सब कुछ

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