Parivar Me Chudai Story – ताई और भाभी की एक साथ चुत चुदाई

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परिवार में चुदाई स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मुझे अपनी तायी और भाभी की चूत और गांड चोदने का मौक़ा मिला तो कैसे मैंने उन दोनों की चीखें निकलवा दी.

दोस्तो, मैं अमित शर्मा एक बार फिर से आपको अपनी ताई और भाभी की चुत चुदाई की कहानी में स्वागत करता हूँ.
परिवार में चुदाई स्टोरी के पिछले भाग
मेरी सेक्सी ताई और भाभी का नंगा बदन
में अब तक आपने पढ़ा था कि सर्दी भरी उस बारिश की रात में मैं पूरी तरह से नंगा बिस्तर पर कंपकंपा रहा था. मेरे साथ ताई और भाभी भी एकदम नंगी लेटी थीं.
हम तीनों सर्दी खत्म करने के उपाए पर चर्चा कर रहे थे.

अब आगे परिवार में चुदाई स्टोरी:

मैंने कहा कि मैं आप दोनों की चुत को चाटूंगा, उससे आपको गर्मी महसूस हो जाएगी और कुछ अनुचित भी नहीं होगा.

ये कहते समय मुझे यह पता नहीं था कि उन दोनों ने कभी चुत चटवाई ही नहीं थी.

मेरी बात पर ताई एकदम से बोलीं- छी: उधर इतना गन्दा होता है … तू बीमार हो जाएगा.
मैंने भी अपना नंबर बनाने के चक्कर में कहा- आप दोनों के लिए तो जान भी दे दूंगा.
वो दोनों खुश हो गईं लेकिन बाहर से कहने लगीं- ठीक है … ठीक है.

मैंने पहले ताई को अपने नीचे किया और उनकी टांगों को चौड़ा होकर लेटने के लिए कहा.
पहले तो उन्हें शर्म आने लगी पर मैंने उन्हें अपनी तरफ खींचा और उनकी टांगों के बीच में घुस गया.

सामने ताई की सफाचट मस्त चुत थी. मैं जोर जोर से उनकी फूली हुई चुत को जीभ से चाटने लगा; साथ में उनके मम्मों को जोर जोर से दबाने लगा.

करीब 5 मिनट बाद वो पूरी तरह से गर्म हो गईं और मैं भी उनके ऊपर भूखे भेड़िए की टूट पड़ा.

थोड़ी देर में ही ताई झड़ गईं और मैंने उनका सारा माल पी लिया.

तब तक भाभी भी ये नज़ारा देखने के बाद थोड़ी गर्म होने लगी थीं.

मैं अब उनकी तरफ आया और उनकी चुत को जीभ से चोदने लगा.
वो तो थोड़ी देर में ही झड़ गईं क्योंकि वो मेरी और ताई की चुत चटाई देख कर पहले से ही चूने लगी थीं.

अब मैं बीच में लेट गया और उन दोनों की चुत में उंगली डालने लगा.
पहले मैंने ताई की चुत में दो उंगली डालीं और उन्हें उंगलियों से चोदने लगा.

थोड़ी देर में ही वो जोर जोर से चीखने लगीं और पूरा कमरे उनकी मादक आवाज़ों से गूंज गया- आह आह उम्म और तेज कर मादरचोद बहन के लौड़े … और ज़ोर से उंगली कर साले … आह मैं बड़े दिनों की प्यासी हूं.

मैंने ये सुना तो अपनी 3 उंगलियां ताई की चुत में डाल दीं. वो थोड़ी देर में दूसरी बार झड़ गईं और साइड में लेट गईं.

मैंने भाभी की चूत में एक उंगली डाली, तो वो उसी से चीखने लगीं. मुझे लगा कि शायद भाभी की चुत में मेरे नाखून से लग गई होगी. मैं धीरे धीरे से उंगली अन्दर बाहर करने लगा.

तभी मैंने जल्दी ही दो, फिर तीन उंगलियां चुत के अन्दर डालनी चाहीं, तो वो जा ही नहीं पाईं.
मैं मन ही मन सोचने लगा कि ताई की चुत में तो आसानी से तीन उंगलियां चली गईं मगर भाभी की चूत में क्यों नहीं जा पा रही हैं.
फिर मैंने सोचा कि शायद ताई की चुत का भोसड़ा तब बना होगा, जब उनकी चुत से दो-दो बच्चे हुए थे. जबकि भाभी का तो अभी कोई बच्चा ही नहीं है.

फिर मैंने दो उंगलियां भाभी की चुत में डालीं, तो दो भी नहीं जा रही थीं.

मेरे से रहा नहीं गया और मैंने भाभी से पूछा- महीने में कितनी बार चुदाई कर लेती हो?
उन्होंने कहा- महीने में तो क्या साल में भी एक चुदाई हो जाए तो वो भी मेरे लिए बहुत है. पर तेरे भाई ने तो शादी के 3 साल में मुश्किल से 10-15 बार चोदा होगा, उसमें भी आधे से ज्यादा तो शुरू में ही चोदा था. उन्हें तो बस काम की ही लगी रहती है.

मैं मन ही मन सोचने लगा कि कोई इतना मूर्ख भी कैसे हो सकता है कि ऐसी खूबसूरत बीवी को भी ना चोदे.

फिर मैं जल्दी से अपने काम में लग गया और कुछ देर एक उंगली से चोद कर ही उनका पानी निकाल दिया.

तभी ताई ने मुझसे कहा- तुमने तो हम दोनों को गर्म कर दिया है, इसलिए हमारा भी फ़र्ज़ बनता है कि तुम्हें भी हम दोनों गर्म करें. बता तू कैसे गर्म होगा.

मैंने उन्हें मेरे लंड को चूसने के लिए कहा.

जैसे ही उन्होंने मेरा लौड़ा हाथ में लिया और थोड़ी देर हिलाया, तो वो अपने असली रूप में आ गया और एक गर्म रॉड की तरह बिल्कुल सीधा लम्बा और मोटा हो गया.

ये देख कर ताई के हाथ से लौड़ा छूट गया और दोनों के मुँह से एक ही बात निकली- हाय राम इतना बड़ा!
मैं बस उनकी तरफ देखने लगा.

ताई कहने लगीं- मैंने इतना बड़ा लौड़ा कभी भी नहीं देखा.
तभी भाभी ने भी कहा- तुम्हारे भाई का तो बस नाम का ही लौड़ा है, सिर्फ 3 इंच का होगा.
इस पर ताई कहने लगीं- हां अमित … तेरे ताऊ का भी बस 4.5 इंच का ही है.

ताई ने लौड़े को मुँह में डालने की कोशिश की, लेकिन उनके मुँह में आधा लंड भी नहीं जा पा रहा था.

मैंने ताई के मुँह में ही लंड से चोदने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सांस भी नहीं आ पा रही थी.

तभी मैंने भाभी के मुँह में लंड डाल लिया. उनसे तो सुपारा भी नहीं लिया जा रहा था.

अब तक वो दोनों फिर से गर्म हो गई थीं.

मैंने पहले भाभी को पकड़ कर अपने नीचे किया और उनकी टांगें फैला कर उनके बोलने से पहले ही लौड़े को धीरे धीरे चुत पर रगड़ने लगा.
इससे भाभी एकदम से गर्म हो गईं और लौड़े को चुत में डालने के लिए जल्दी कहने लगीं.

भाभी की चूत एक तरह से अभी नई ही थी.
तो मैंने जैसे ही पहला धक्का दिया तो भाभी की चुत में करीब 3 इंच लंड घुस गया.

लंड चुत में लेते ही भाभी बहुत जोर से चीख पड़ीं- हाय रब्बा … मैं मर गई आह मम्मी रे मुझे बचा लो!

उनकी चुत से खून बहने लगा.
मैंने भाभी की चुत से लौड़ा निकाल दिया और उन्हें थोड़ी देर वैसे ही छोड़ दिया.
वो दर्द के मारे चीखने और रोने लगीं.

उसके बाद मैंने ताई की टांगों को फैलाया और अपना खड़ा लौड़ा सीधा ही ताई की चुत में पेलते हुए पूरा डाल दिया.

इतना बड़ा लंड लेकर ताई भी ज़ोर ज़ोर से चीखने और रोने लगीं.
वो मेरी छाती पर मुक्के मारने लगीं और गालियां देने लगीं- छोड़ दे मां के लौड़े … साले चुत फाड़ दी कमीने … आह मर गई.

लेकिन अब मेरा लंड कहां मानने वाला था; मैं लगातार धक्के मारने लगा.
वो ज़ोर ज़ोर से कराहने लगीं- आह आह आह उई उई मम्मी मर गई आ ऊ ऊह!

उनकी तेज तेज आवाज आने लगी और कमरे में ‘फच फच फच ..’ की आवाज सुनाई देने लगीं.

तब तक भाभी भी तैयार हो गईं, तो मैंने उन्हें भी चोदना चालू कर दिया.

भाभी की चुदाई के साथ मैंने ताई को मेरे टट्टे चूसने के लिए कहा.

मैंने भाभी को डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू कर दिया था.
उनकी चुत बहुत छोटी और कसी हुई थी, जिसमें मेरा विशालकाय लौड़ा घुस ही नहीं पा रहा था.

मैंने पूरी ताकत से 2-3 झटके में पूरा लौड़ा घुसा दिया.
इससे भाभी की रोने और चीखने आवाज़ इतनी तेज आने लगी कि मेरे तो कान भी फटने वाले हो गए थे.

मगर मैंने धीरे धीरे से उन्हें चोदना चालू रखा और कुछ देर बाद भाभी भी मेरा साथ देने लगीं.
उनकी मदभरी आहों को सुना तो मैंने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी.

अब कमरे में चुदाई की फचाफच फाच गच गचागच ..’ की आवाज़ें आने लगीं.

तभी मुझे लगा कि वो झड़ने वाली हैं; मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और ‘उम आह ..’ की आवाज के साथ भाभी झड़ गईं.

अब मैंने लंड ताई की चुत में पेला और उनको जोर जोर से चोदने लगा.

थोड़ी देर में ताई भी झड़ गईं लेकिन मेरा पानी अभी भी नहीं निकला था.
मैंने भाभी को अपना लौड़ा चूसने के लिए बोला और ताई को भाभी की चुत चाटने के लिए कहा.

भाभी मस्त से मेरे लौड़े पर जीभ फिरा रही थीं और मुझे जन्नत का अनुभव हो रहा था.

थोड़ी देर बाद ताई मेरा लंड चूसने लगीं और भाभी उनकी चुत चाटने लगीं.

तभी मैंने फिर से भाभी को अपनी तरफ खींचा उनको फिर से चोदना शुरू कर दिया.

करीब दस मिनट बाद मैं झड़ने को तैयार होने लगा, तो मैंने स्पीड तेज कर दी और एक जोर की आह के साथ भाभी की चूत को वीर्य से भर दिया.

भाभी भी इतने गर्म माल के चुत में आने से ज़ोर ज़ोर आह आह आह की आवाज निकालने लगी और कहने लगीं- अब इस माल को अन्दर ही रहने दो, मैं इससे ही प्रेगनेंट होना चाहती हूं.

लेकिन लंड का माल इतना ज्यादा था कि वो चुत से बाहर निकल कर बह रहा था.
ताई ने भाभी की चुत के नीचे जीभ लगा दी और रस चूस लिया; उन्होंने एक भी बूंद बाहर नहीं गिरने दी.

फिर मैंने अपना लौड़ा ताई को चूसने के लिए दे दिया. ताई के लंड चूसने से थोड़ी ही देर में लंड फिर से तन गया.

इस बार मैंने ताई की गांड को चोदने के लिए कहा, तो उन्होंने मना कर दिया.
उन्होंने कहा- पहले मैंने कभी भी गांड नहीं चुदवाई है.

मैं कहां मानने वाला था. मैं भाभी से उनकी गांड चटवाई और इसके बाद लंड के सुपारे को ताई की गांड के छेद पर रखकर एक धक्का दे दिया.
मेरा 3 इंच लंड गांड में घुस गया.

ताई ज़ोर ज़ोर से चीखने लगीं और आह आह आह की आवाज़ निकालने लगीं.

मैंने लौड़ा थोड़ी देर वैसे ही रखा और भाभी को उनकी चुत चाटने के लिए कहा.

थोड़ी देर में ताई कुछ शांत हुईं तो मैंने फिर से गांड चोदना शुरू कर दिया.

मैंने उन्हें 10 मिनट तक चोदा. फिर भाभी की गांड मारने लगा. धीरे धीरे मैं अपना लौड़ा भाभी की गांड में डालता गया और पूरा लंड गांड के अन्दर पेल दिया.

भाभी की हालत खराब हो गई थी लेकिन ताई ने गांड और लंड के जोड़ पर अपनी जीभ फेरते हुए थूकना शुरू कर दिया था इससे चिकनाहट हो गई थी और लंड गांड में चलने लगा था.

मैंने करीब दस मिनट तक भाभी की गांड मारी. मेरा लंड भी थोड़ी देर में ही निकलने वाला हो गया था.

ये देख कर ताई ने बोला- हर बार उसे ही माल क्यों दे रहा है. इस बार मेरी चुत में आ जा … मेरी चुत में ही झड़ जाना.

मैंने जल्दी से ताई की चुत में 5-10 झटके मारे और सारा वीर्य उनकी चुत में डाल दिया.

हम तीनों थक कर वहीं लेट गए.

हम तीनों ने उस पूरी रात में 4 बार चुदाई की.
सुबह जब मौसम साफ हुआ तो हमने अपने अपने कपड़े पहने और बाहर निकल आए.

उसी दिन ताऊ जी आ गए और फिर मेरे घर वाले भी. शाम को भाभी भी शहर चली गईं.

उसके कुछ दिन बाद ही भाभी प्रेगनेंट हो गईं और उन्होंने ताई को बताया और पूछा कि अब वो क्या करें.
ताई ने भाभी से कहा कि एक बार पति के साथ सेक्स कर ले … ताकि किसी को भी शक ना हो.

भाभी ने उसी रात भैया के साथ जबरन चुत चुदवा ली और कोख का रजिस्ट्रेशन करवा लिया.

इधर मैं और ताई को जब भी मौका मिलता था, तब चुदाई कर लेते थे.
भाभी के बच्चा होने के बाद उनकी सेक्स की भूख भी में ही मिटाता हूं.

अब हम तीनों को जब भी मौका मिलता है तब सेक्स कर लेते हैं.

दोस्तो, आपको मेरी परिवार में चुदाई स्टोरी कैसी लगी. आप सभी के मेल के इंतजार में आपका अपना अमित.
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