पड़ोसन चाची के साथ मस्ती भरी रंगरेलियाँ- 1

January 10, 2021 | By admin | Filed in: Desi.

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आंटी की सेक्स कहानी में पढ़ें कि पड़ोसन चाची के साथ बारिश में सेक्सी मस्ती करने के बाद मैं अब उनकी चूत में लंड पेलना चाहता था; मौके की तलाश में था.

दोस्तो, मेरा नाम भास्कर है और मेरी उम्र 26 साल है. मैं कानपुर का रहने वाला हूँ और जैसा कि मैंने अपनी इस आंटी की सेक्स कहानी के पहले भाग
पड़ोसन चाची के जिस्म का सुख बारिश में
में मेरी और मेरी पड़ोसन हेमा चाची के साथ बारिश में छत पर हुई रंगरेलियों के बारे में बताया था, उसी के आगे मैं इस सेक्स कहानी को लिख रहा हूँ.

मैं आशा करता हूँ कि आपको मेरी इस आंटी की सेक्स कहानी का पहला पार्ट बहुत पसंद आया होगा.

उस दिन छत पर हेमा चाची के साथ चिपककर झड़ने का खुमार मेरे दिमाग से अब तक नहीं उतरा था.
मैं दिन रात बस हेमा चाची के कामुक हुस्न के बारे में सोचता रहता और हेमा चाची के नाम की मुठ मार लिया करता था.

जब भी मैं हेमा चाची से बात करता था, तब हेमा चाची भी मुझे कामुक और हवस भरी नजरों से देखती थीं.

कभी कभी तो हेमा चाची मुझसे वो छत पर लिए मजे के बारे में पूछती रहती थीं और मैं बस शर्माने का नाटक कर देता था.

फिर एक रात करीब 10:30 बजे मैंने अपने घर के मैंने दरवाजे के खटकने की आवाज सुनी.
उस दिन मेरे परिवार समेत मोहल्ले के ज्यादातर लोग एक शादी में गए हुए थे और मैं उस दिन घर पर अकेला था.

मैंने दरवाजा खोला तो सामने पाया कि काले रंग की नाईटी पहने और अपने सिर पर सफेद रंग का दुपट्टा ओढ़े हेमा चाची खड़ी थीं.

उन्हें देखकर तो मानो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था. मैं तो बस हेमा चाची की तिरछी भौंहों, कटीले नैनों और रसीले होंठों को देखता ही रह गया.

तभी हेमा चाची बोलीं- क्या हुआ भास्कर, अब मुझे ताकते ही रहोगे या अन्दर भी आने दोगे?

उनकी ये सुनकर मैं सकपका गया और हेमा चाची को घर में अन्दर बुला लिया.

घर में कोई नहीं था और घर के सभी कमरे बंद पड़े थे, सिवाय मेरे कमरे के.

मैं हेमा चाची को सीधा अपने ऊपर वाले कमरे में ले गया. मेरे कमरे की टीवी में एक हॉलीवुड की फिल्म चल रही थी, जिसमें उसी समय हीरो और हीरोईन के बीच कुछ अतरंग सीन चलने लगे.

ये देखकर मैं हैरान हो गया और उसे हटाने के लिए जल्दी से यहां-वहां रिमोट ढूंढने लगा.

ये देखकर हेमा चाची हंस पड़ीं और बोलीं- ये तुम्हें क्या हो गया भास्कर … चलते रहने दो न!
मैंने कहा- अरे वो सीन …
चाची ने मेरी बात काटते हुए कहा- अब हॉलीवुड फिल्मों में तो ये सब आम बात है … और हम तो अच्छे दोस्त है न, तो हम दोनों के बीच में किस बात की शर्म!

ये सुनकर मैं मुस्कुरा उठा … क्योंकि ये हेमा चाची का एक इशारा था कि आज हेमा चाची मस्त मूड में हैं.

हम दोनों बैठ गए. मैं चाची से पानी के लिए पूछा, तो उन्होंने मना कर दिया और मुझसे बैठने के लिए कह दिया.

मैंने हेमा चाची के सामने बैठते हुए उनसे पूछा कि इतनी रात को आपने यहां आने का कष्ट क्यों किया … मुझे अपने घर बुला लिया होता.

हेमा चाची बोलीं- भास्कर पता नहीं मेरे घर की टीवी में क्या हो गया है … उसमें शायद कुछ सैटिंग गड़बड़ हो गई है, वो चल ही ही नहीं रहा है. क्या तुम उसे ठीक कर दोगे?
मैंने कहा- अरे चाची क्यों नहीं … आप तो बस आधी रात को भी हुकुम करोगी न, तो ये बंदा सीधा आपके दरवाजे पर खड़ा मिलेगा.

ये सुनकर हेमा चाची हंस पड़ीं और बोलीं- भास्कर तुम भी न!

मैंने हेमा चाची से कहा- चलो चाची, मैं आपकी टीवी की सैटिंग ठीक कर देता हूँ.
चाची- अरे बाद में ठीक कर देना, तब तक मैं यहीं तुम्हारे पास टीवी देख लेती हूँ.

मैंने हेमा चाची से पूछा- चाची आपको क्या देखना है? बताओ मैं लगा देता हूँ.

हेमा चाची ने एक रोमान्टिक सीरियल लगवाने की पेशकश की … और मैंने खड़े होकर रिमोट खोजा और वो सीरियल लगा दिया.

उस सीरियल में लड़का लड़की के बेड पर सेक्स करने वाला सीन चल रहा था. मैं अभी भी खड़ा था और टीवी पर इस सीन को देखकर मेरा लंड तेजी से खड़ा हो गया.

हेमा चाची वो सीन बड़ी ही कंटीली मुस्कान देते हुए देखे जा रही थीं.

हेमा चाची ने मेरी तरफ नजर डाली और अपनी कटीली निगाहें मेरे पजामे पर लंड वाले हिस्से की तरफ घुमा दीं.
लंड खड़े होने के कारण मेरा पजामा उस जगह से उठा हुआ था.

मैं शर्मा गया और पलंग पर बैठ गया.
ये देखकर हेमा चाची हंसने लगीं.

हेमा चाची को देख कर मेरे अन्दर से हवस का जैसा ज्वालामुखी फूट रहा था और मैं बेकाबू होता जा रहा था.
मुझे ये भी डर था कि कहीं घर वाले आ गए और उन्होंने मुझे और हेमा चाची को मेरे कमरे में एक साथ देखा … तो वो क्या सोचेंगे?

इसी सोच और डर को लेकर मैंने चाची को उनके घर ले जाना ज्यादा ठीक समझा.

फिर मैंने हेमा चाची से कहा- चलो न चाची, पहले मैं आपके टीवी की सैटिंग ठीक कर देता हूँ.
हेमा चाची बोलीं- रिलेक्स भास्कर … बाद में कर देना.

मैंने बात बनाते हुए कहा- चाची अगर घर वाले आ गए, तो वो मुझे किसी न किसी काम में लगा देंगे … फिर मैं आपका टीवी ठीक करने कैसे आ पाऊंगा?
हेमा चाची ने कहा- अरे हां भास्कर … तुम्हारी ये बात तो बराबर है. चलो पहले मेरे घर चलकर मेरा टीवी ठीक कर दो.

फिर मैंने अपने कमरे का टीवी बंद किया और थोड़ा नीचे झुक गया ताकि मेरा खड़ा और तना लंड थोड़ा शान्त हो जाए.
पर हेमा चाची जैसी हुस्न की मल्लिका के वहां होते भला मेरा लंड कैसे शान्त हो सकता था.

फिर हम दोनों मेरे कमरे से बाहर आकर सीढ़ियों से नीचे उतरने लगे.
मेरे अन्दर सेक्स की आग अभी भी भड़क रही थी. हेमा चाची मेरे आगे थीं और मैं उनके पीछे था.

तभी सीढ़ियों से नीचे उतरते वक्त मेरी नजर सीधी हेमा चाची के गांड पर पड़ी, जो सीढ़ियों से उतरते वक्त बड़ी ही मस्ती से थिरक रही थी. मेरी नजरें उनके मटकते चूतड़ों पर जम गई.

मुझे लगा कि चाची अपनी गांड को कुछ ज्यादा ही मटका रही हैं. मगर मुझे इससे क्या … मुझे तो मस्त मजा आ रहा था.

फिर सीढ़ियों से नीचे उतरकर हेमा चाची आगे आगे चलती हुई घर के मुख्य दरवाजे की तरफ जा रही थीं और उन्होंने अपनी नाईटी को आगे पेट की त

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